क्या कुत्तों को सच में दिखाई देता है भूत! जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण क्या कहते हैं?


Dogs see ghosts: सभी जानवरों में कुत्ते काफी तेज और वफादार होते हैं. कुत्ते कई ऐसी चीजें महसूस या देख सकते हैं, जो इंसान नहीं कर सकते हैं. माना जाता है कि कुत्तों को वो चीजें भी दिखाई देती हैं, जो इंसानी आंखों से देख पाना मुमकिन नहीं हैं.

कहने का मतलब अदृश्य शक्तियां, जिसे कुत्ते या अन्य जानवर महसूस कर या देख सकते हैं. आइए जानते हैं इसके पीछे का रहस्य क्या है?

कुत्ते भूत देख सकते हैं या नहीं, इस सवाल का असल जवाब अभी तक नहीं मिला है. एक तरफ जहां वैज्ञानिक भूतों की थ्योरी को नकारते हुए आए हैं. वहीं दूसरी तरफ शास्त्रीय ग्रंथ और पुराणों में भूतों का जिक्र देखने को मिलता है. 

शास्त्रीय दृष्टिकोण क्या कहता है?

  • मनुस्मृति और पुराणों के अनुसार पशु-पक्षियों की इंद्रियां मनुष्य से कई गुना संवेदनशील होती हैं. वे उन सूक्ष्म से सूक्ष्म तरंगों और ऊर्जाओं को भी महसूस कर सकते हैं, जिन्हें साधारण मनुष्य के लिए समझ पाना आसान काम नहीं है. 
  • गरुड़ पुराण के मुताबिक मृत्यु के बाद आत्मा सूक्ष्म शरीर में रहती है, जिसे इंसानी आंखों से देख पाना आसान नहीं है, लेकिन जानवरों में कुत्ते इस महसूस कर सकते हैं. 
  • यजुर्वेद में कुत्तों को रक्षक बताया गया है. कुत्ते हमारी रक्षा केवल भौतिक ही नहीं बल्कि अदृश्य ऊर्जाओं से भी करते हैं. 
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुत्तों को रात के समय अदृश्य शक्तियां और पितृ दिखाई देते हैं. 

कीवदंतियों के अनुसार कुत्तों को रात के समय अक्सर नकारात्मक शक्तियां दिखाई देती है. कई बार ये अदृश्य शक्तियां कुत्तों के आर-पार भी हो जाती है. जिससे भयभीत होकर कुत्ते भोकना या रोना शुरू कर देते हैं. 

धार्मिक मान्यताएं क्या कहती हैं?

  • महाभारत में युधिष्ठर की स्वर्ग यात्रा के दौरान उनके साथ एक कुत्ता भी था. वह कुत्ता असल में धर्मराज यम का ही रूप माना जाता है. इससे कुत्तों का संबंध परलोक और अदृश्य शक्तियों से जोड़कर देखे जाने लगा. 
  • शिव पुराण के मुताबिक कुत्ते अक्सर श्मशान और तंत्र-साधना स्थलों के पास ज्यादातर देखे जाते हैं, क्योंकि कुत्ते वहां की अदृश्य शक्तियों को महसूस कर सकते हैं.

तंत्र विद्या से जुड़ी मान्याताएं

  • तंत्र शास्त्र के मुताबिक कुत्ते सुक्ष्म जगत से जुड़े द्वारपाल माने जाते हैं. 
  • हिंदू धर्म में काल भैरव का वाहन कुत्ता होता है. भैरव देव के वाहन के रूप में कुत्ता अदृश्य और नकारात्मक शक्तियों को देख पाने में सक्षम होता है.
  • कई तांत्रिक परंपराओं में यह माना जाता है कि यदि किसी स्थान पर कोई कुत्ता लगातार भौंकता या रो रहा है तो इसका मतलब वहां पर नकारात्मक आत्माएं और भूत-प्रेत की उपस्थिति हो सकती है. 
  • अघोर तंत्र के मुताबिक कुत्ता आत्माओं की चाल और ऊर्जा को सूंघकर पहचानने में सक्षम होता है. 

हिंदू शास्त्रों, पुराणों और तंत्र विद्या तीनों के मुताबिक कुत्तों में अदृश्य शक्तियां देखने की क्षमता होती है. धार्मिक दृष्टिकोण से कुत्तों को भूत-प्रेत और परलोक से जोड़कर देखा जाता है. जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण इसे कुत्तों की तीव्र इंद्रियों का प्रमुख कारण मानते हैं. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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